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सोनिया गांधी संबंधी मतदाता सूची मामले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस को घेरा

प्रकाशित: 23-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोनिया गांधी से जुड़े मतदाता सूची मामले में दिल्ली की एक अदालत के फैसले के बाद मंगलवार को कांग्रेस पर निधाना साधते हुए उसके नेताओं को ''लोकतंत्र के चोर'' करार दिया।
दिल्ली की एक अदालत ने मजिस्ट्रेट के उस आदेश को सोमवार को रद्द कर दिया, जिसमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी का नाम 1983 में भारतीय नागरिकता हासिल करने से तीन साल पहले मतदाता सूची में शामिल किए जाने के आरोप की जांच से इनकार किया गया था। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश के खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत ने यह तय करने के अपने ''मूल दायित्व'' का निर्वहन नहीं किया कि संज्ञेय अपराध का मामला बनता है या नहीं। उन्होंने मामले को मजिस्ट्रेट अदालत के पास वापस भेजते हुए उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कारणों सहित आदेश पारित करने और शिकायतकर्ता की दलीलों पर नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी। अदालत के इस आदेश को लेकर भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ''ये लोकतंत्र के चोर हैं।'' भंडारी ने कहा कि जो लोग ''वोट चोरी'' की बात करते हैं, वे सत्ता में रहने के दौरान ''लोकतंत्र की चोरी'' में लगे हुए थे। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि देश का कानून केवल भारतीय नागरिक को चुनाव में मतदान का अधिकार देता है लेकिन गांधी का नाम उस समय मतदाता सूची में शामिल किया गया था जब उन्होंने भारतीय नागरिकता हासिल नहीं की थी। भंडारी ने कहा, ''सोनिया गांधी का नाम 1980 में जब मतदाता सूची में शामिल किया गया था, उस समय वह भारतीय नागरिक नहीं थीं। राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए कि उनकी मां ने वोट कैसे डाला? उन्हें कथित फर्जी दस्तावेज हासिल करने में किसने मदद की? क्या (पूर्व प्रधानमंत्री) इंदिरा गांधी की सरकार ने उनकी मदद की थी?''