हवाई किराये पर त्योहारी मौसम में सीमा नहीं लगाएंगे, टिकट की कीमत उचित रखने को कहेंगे : नायडू
प्रकाशित: 23-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
नई दिल्ली, (भाषा)। नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार आगामी त्योहारी मौसम की व्यस्त मांग के बीच हवाई किराये पर किसी तरह की सीमा नहीं लगाएगी, लेकिन एयरलाइन कंपनियों को टिकट के दाम उचित स्तर पर रखने की सलाह देगी।
नायडू ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने वाली 'उड़ान' योजना के अगले चरण के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर के मौके पर संवाददाताओं से यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार त्योहारी मौसम और महत्वपूर्ण आयोजनों के दौरान हवाई किराये की स्थिति पर नजर रखती है और एयरलाइन कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में रहती है। उन्होंने कहा, ''हम एयरलाइन कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं और नियमित बैठकें भी करते हैं। हम उनसे यह सुनिश्चित करने को कहते हैं कि त्योहारों के समय किराया उचित स्तर पर रखा जाए, ताकि इस महत्वपूर्ण समय में यात्रा करने वाले लोग इससे लाभान्वित हो सकें।'' नागर विमानन मंत्री इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या सरकार आगामी त्योहारी मौसम को देखते हुए हवाई किराये पर किसी तरह की सीमा लगाएगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतें बढ़ गई हैं। यह ईंधन किसी भी एयरलाइन के परिचालन खर्च का बड़ा हिस्सा होता है।
नायडू ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने वाली 'उड़ान' योजना के अगले चरण के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर के मौके पर संवाददाताओं से यह बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार त्योहारी मौसम और महत्वपूर्ण आयोजनों के दौरान हवाई किराये की स्थिति पर नजर रखती है और एयरलाइन कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में रहती है। उन्होंने कहा, ''हम एयरलाइन कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं और नियमित बैठकें भी करते हैं। हम उनसे यह सुनिश्चित करने को कहते हैं कि त्योहारों के समय किराया उचित स्तर पर रखा जाए, ताकि इस महत्वपूर्ण समय में यात्रा करने वाले लोग इससे लाभान्वित हो सकें।'' नागर विमानन मंत्री इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या सरकार आगामी त्योहारी मौसम को देखते हुए हवाई किराये पर किसी तरह की सीमा लगाएगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतें बढ़ गई हैं। यह ईंधन किसी भी एयरलाइन के परिचालन खर्च का बड़ा हिस्सा होता है।