ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा, एआई को लेकर चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए
प्रकाशित: 24-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
संयुक्त राष्ट्र, (एपी)। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले संबोधन में कहा कि विश्व के नेताओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की निगरानी के लिए वैश्विक मानक तय करने चाहिए, क्योंकि "इस प्रौद्योगिकी से जुड़े बुनियादी फैसले संयोग के भरोसे नहीं छोड़े जा सकते।
बर्नहैम ने कहा कि ब्रिटेन अन्य देशों को एआई मॉडल की पारदर्शिता और उन तक पहुंच से जुड़े नियम अपनाने के लिए मनाने की कोशिश करेगा और इससे भी कठिन काम के तौर पर प्रौद्योगिकी कंपनियों को भी इन नियमों को अपनाने के लिए राजी करने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि एआई में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन यह हमारे रहने और काम करने के तरीके में बदलाव का स्रोत और जोखिम को बढ़ाने वाला कारक भी होगा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि रूस एवं अन्य देश एआई की मदद से गलत और भ्रामक सूचनाओं का इस्तेमाल लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ से अलग होने के लिए मतदान करने के बाद के दशक में इसका सामना किया है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने ब्रिटेन के सुरक्षा प्रमुखों से इस खतरे से निपटने के लिए राष्ट्रीय सूचना रक्षा केंद्र स्थापित करने को कहा है।
बर्नहैम ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजराइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर एक बैठक की अध्यक्षता भी की। उनके साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल पों, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान भी थे।
बर्नहैम ने कहा कि ब्रिटेन अन्य देशों को एआई मॉडल की पारदर्शिता और उन तक पहुंच से जुड़े नियम अपनाने के लिए मनाने की कोशिश करेगा और इससे भी कठिन काम के तौर पर प्रौद्योगिकी कंपनियों को भी इन नियमों को अपनाने के लिए राजी करने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि एआई में अपार संभावनाएं हैं, लेकिन यह हमारे रहने और काम करने के तरीके में बदलाव का स्रोत और जोखिम को बढ़ाने वाला कारक भी होगा। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि रूस एवं अन्य देश एआई की मदद से गलत और भ्रामक सूचनाओं का इस्तेमाल लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ से अलग होने के लिए मतदान करने के बाद के दशक में इसका सामना किया है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने ब्रिटेन के सुरक्षा प्रमुखों से इस खतरे से निपटने के लिए राष्ट्रीय सूचना रक्षा केंद्र स्थापित करने को कहा है।
बर्नहैम ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजराइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर एक बैठक की अध्यक्षता भी की। उनके साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल पों, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान भी थे।