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टूथपेस्‍ट, हेयर ऑयल से रियल जूस तक महंगा! डाबर का फैसला- माल कम या दाम ज्‍यादा

प्रकाशित: 08-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
टूथपेस्‍ट, हेयर ऑयल से रियल जूस तक महंगा! डाबर का फैसला- माल कम या दाम ज्‍यादा
अगर आप डाबर के टूथपेस्ट, हेयर ऑयल, रियल जूस, ग्लूकोज, शहद या कुकिंग पेस्ट जैसे उत्पादों का नियमित इस्तेमाल करते हैं, तो अब आपको अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ सकती है. घरेलू FMCG दिग्गज डाबर इंडिया ने अपने प्रॉडक्ट्स के दामों में 4% तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. ये खबर तब आई है, जब कंपनी का प्रॉफिट दमदार रहा है. डाबर ने मार्च तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया है. कंपनी का मुनाफा अच्छा रहा है और कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 15% बढ़कर 369 करोड़ रुपये रहा. टोटल सेल्स 7% से ज्यादा बढ़कर 3,038.02 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. कंपनी ने प्रॉडक्ट्स के दाम बढ़ाने के पीछे कच्चे माल की बढ़ती कीमतों को जिम्मेदार ठहराया है.
दाम ज्यादा, पैकेट में माल कम
कंपनी ने बढ़ती लागत का बोझ कम करने के लिए दोतरफा रणनीति अपनाई है. खबरों के मुताबिक, आपको कई प्रॉडक्ट्स पर जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है या फिर पैकेट में माल कम मिल सकता है.
1. दाम बढ़ाना (Price Hike): कंपनी अपने पोर्टफोलियो के विभिन्न उत्पादों की कीमतों में 4% तक की वृद्धि कर रही है.ये असर सीधे तौर पर प्रॉडक्ट पर दिखेगा. यानी 100 रुपये वाला कोई आइटम अब 104 रुपये में मिलेगा, 150 वाला 156 रुपये में और 1000 रुपये के सामान पर आपको 40 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे.
2. कम माल (Grammage Cut): खास तौर से 10 रुपये और 20 रुपये वाले छोटे पैक की कीमतों को स्थिर रखने के लिए कंपनी उनमें सामान की मात्रा (ग्राम) को कम करेगी. यानी अब आपको उतने ही पैसे में पहले से कम मात्रा मिलेगी.
ग्लूकोज, जूस जैसे प्रॉडक्ट्स बढ़ाएंगे गर्मी का खर्च
गर्मियों के सीजन में रियल जूस और ग्लूकोज उत्पादों की भारी मांग रहती है. हालांकि, उत्तर भारत में बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान (Western Disturbances) के कारण इनकी मांग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. फिर भी, कंपनी को आशंका है कि 'एल नीनो' (El Nino) की स्थिति के कारण होने वाली गर्मी से इन उत्पादों की बिक्री में दो अंकों (double-digit) की बढ़ोतरी हो सकती है.
CEO ने बताई अंदर की बात
डाबर के ग्लोबल CEO मोहित मल्होत्रा के अनुसार, पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे संघर्ष के कारण इनपुट लागत में भारी उछाल आया है. कंपनी को अपने पूरे पोर्टफोलियो में लगभग 10 प्रतिशत की महंगाई (Inflation) का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में होम केयर, पर्सनल केयर और हेल्थकेयर को छोड़कर बाकी सभी श्रेणियों पर महंगाई का दबाव बढ़ा है.
अगर आप भी डाबर का प्रॉडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं तो खरीदते समय पैकेट पर दी गई नई मात्रा और वजन में फर्क नजर आ सकता है. खास तौर से 10-20 रुपये के पैक में आपको अब 'कम' सामान मिलेगा.