वर्षों से राष्ट्र की सेवा में समर्पित Virarjun अर्जुनस्य प्रतिज्ञे द्वे, न दैन्यं, न पलायनम् ।

केरलम में नए CM बनेंगे केसी वेणुगोपाल? लीक हुई लिस्ट से मिला संकेत, समझिए रेस में सबसे आगे क्यों

प्रकाशित: 08-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
केरलम में नए CM बनेंगे केसी वेणुगोपाल? लीक हुई लिस्ट से मिला संकेत, समझिए रेस में सबसे आगे क्यों
केरलम में दस सालों के बाद सत्ता में वापसी करने वाली कांग्रेस किसे मुख्यमंत्री बनाएगी इसकी तस्वीर शनिवार को साफ हो सकती है. दो तिहाई से ज्यादा विधायकों के समर्थन के साथ कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को सीएम की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं. सोमवार को केरल में नई सरकार शपथ ले सकती है. कांग्रेस इस समारोह में टीवीके प्रमुख विजय को आमंत्रित कर सकती है जो तमिलनाडु में सरकार बनाने की कगार पर हैं.
तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस विधायकों की रायशुमारी कर दिल्ली लौटे पर्यवेक्षकों अजय माकन और मुकुल वासनिक ने शुक्रवार सुबह अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंप दी. एक दिन पहले विधायक दल की बैठक में सीएम चुनने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को अधिकृत किया गया था.
केसी वेणुगोपाल रेस में सबसे आगे क्यों?
केसी वेणुगोपाल फिलहाल लोकसभा सांसद हैं. वो केरलम सरकार में कैबिनेट मंत्री से लेकर मनमोहन सिंह की सरकार में केंद्रिय राज्यमंत्री रह चुके हैं. बीते सात सालों से वो कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के पद पर हैं. वेणुगोपाल को राहुल गांधी का सबसे करीबी नेता माना जाता है. सूत्रों का दावा है कि राहुल गांधी को ही तय करना है कि उन्हें वेणुगोपाल की जरूरत दिल्ली में है या केरलम में. उन्हें सीएम बनाया गया तो उन्हें विधानसभा का उपचुनाव लड़ना होगा और उनकी सीट पर लोकसभा का उपचुनाव भी करवाना होगा. इसके साथ ही कांग्रेस आलाकमान को आने वाले दिनों में नए राष्ट्रीय संगठन महासचिव का चयन करना पड़ेगा.
वासनिक की तस्वीर से लीक हुई रिपोर्ट
विधायकों की इस बैठक से निकल रहे मुकुल वासनिक की एक तस्वीर वायरल है जिसमें उनके हाथों में एक लिस्ट दिख रही है. लिस्ट में आधे दर्जन से ज्यादा विधायकों के नाम के आगे केसी लिखा है. इसमें प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसफ भी शामिल हैं.
जाहिर है कि ज्यादातर विधायक केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं. हालांकि केरलम में कांग्रेस गठबंधन यानी यूडीएफ की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी एआईयूएमएल वीडी सतीशन को कमान सौंपे जाने के पक्ष में हैं. नव निर्वाचित कांग्रेस विधायकों में सतीशन के पक्ष में बहुत कम लोग हैं लेकिन उन्हें आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है. इन दोनों के अलावा अनुभवी नेता रमेश चेन्नीथला भी रेस में बने हुए हैं.
शनिवार को एलान से पहले केरलम के वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे राहुल-खरगे
शनिवार को होने वाले अहम फैसले से पहले कांग्रेस आलाकमान ने केरलम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसफ, निवर्तमान नेता विपक्ष वीडी सतीशन और विधानसभा चुनाव में प्रचार अभियान समिति के प्रमुख रमेश चेन्नीथला को दिल्ली बुलाया है. तीनों नेता शुक्रवार देर शाम दिल्ली पहुंचेंगे. केसी वेणुगोपाल दिल्ली में ही मौजूद हैं. अंतिम फैसले से पहले इन नेताओं से राहुल गांधी और खरगे चर्चा करेंगे.
सतीशन की ताकत और कमजोरी
इस बीच छह बार के विधायक वीडी सतीशन के कैम्प ने सीएम की कुर्सी के लिए अंदरखाने अभियान छेड़ा हुआ है. बीते पांच सालों में बतौर नेता विपक्ष वो काफी लोकप्रिय नेता के तौर पर उभरे हैं. लेकिन उनके पास सरकार में रहने का कोई अनुभव नहीं है. इसको लेकर एक इंटरव्यू में पूछे जाने पर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया तब उनके पास भी कोई अनुभव नहीं था. सूत्रों का दावा है कि सतीशन का यह अंदाज और उनके कैम्प की प्रेशर पॉलिटिक्स की कोशिशें उनके खिलाफ ही जा सकती हैं.
चेन्नीथला की लॉटरी लगेगी?
सत्तर साल के रमेश चेन्नीथला के पास सरकार और संगठन दोनों का लंबा अनुभव है. केरलम सरकार में मंत्री, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और नेता विपक्ष रह चुके चेन्नीथला छह बार लोकसभा और छह बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं. उन्हें इंदिरा गांधी के समय एनएसयूआई और राजीव गांधी के समय यूथ कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था. उम्र की वजह से उनका दांव कमजोर है लेकिन वेणुगोपाल और सतीशन के पेंच में उनकी लॉटरी भी लग सकती है. बुधवार को चेन्नीथला ने दिल्ली आकर राहुल गांधी और खरगे से मुलाकात की थी.
सीएम की रेस में शामिल तीनों नेता नायर जाति से आते हैं जो केरलम की सबसे प्रभावशाली अगड़ी जाति मानी जाती है. केरलम की 140 सीटों वाली विधानसभा के लिए सोमवार को आए नतीजों में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूडीएफ को 102 सीटें मिली. कांग्रेस के 63 और एआईयूएमएल को 22 सीटें मिली.