राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में महापाप किया था', केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस और सपा पर बोला हमला
प्रकाशित: 08-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य 5 राज्यों में हाल ही में आए विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद लगातार समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं। अब केशव प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सपा के प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि राहुल और अखिलेश ने लोकसभा चुनाव 2024 के समय जनता को गुमराह करने का 'महापाप' किया था। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- "कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और सपा बहादुर श्री अखिलेश यादव की 'जोड़ी' ने 2024 के लोकसभा चुनाव में संविधान और आरक्षण समाप्त करने का 'झूठा ढिंढोरा' पीटकर जनता को गुमराह करने का 'महापाप' किया था। यदि यह दुष्प्रचार नहीं किया गया होता, तो उत्तर प्रदेश में दोनों दलों का खाता भी बमुश्किल ही खुल पाता। लेकिन अब दोनों की पोल खुल चुकी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता इन दोनों का असली चेहरा पूरी तरह बेनकाब कर देगी और प्रदेश कांग्रेस-सपा मुक्त होगा। प्रधानमंत्री मोदी के करिश्माई नेतृत्व में हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार के बाद असम और पश्चिम बंगाल की तरह उत्तर प्रदेश में भी 'कमल ही कमल' खिलेगा। जनता अब भ्रम नहीं, बल्कि विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की राजनीति के साथ मजबूती से खड़ी है।" जनता जनार्दन है। उसका आदेश सर्वोपरि है। भ्रम की राजनीति के दिन लद गए। इसमें अब कोई संदेह नहीं कि ‘जनादेश को अपमानित’ करने वालों को इतिहास माफ नहीं करेगा। राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, और एम. के. स्टालिन की जनविरोधी राजनीति अब अंतिम सांस ले रही है। भाजपा की सेवा, सुशासन और विकास की जीत को स्वीकार न करना लोकतंत्र और संविधान दोनों का अपमान है। भाजपा को लेकर सपा, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके की फ़ितरत मतिभ्रम की रही है। अधिकांश राज्यों में भाजपा और उसके गठबंधन की सरकारों पर जनता बार-बार अपना आशीर्वाद बरसा रही है। ज़ाहिर है कि इससे विपक्ष के सामने ‘अस्तित्व का संकट’ खड़ा हो गया है।
चुनावी नतीजों से यह साबित है कि नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम का विरोध करने वालों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके का काफी बुरा हश्र हुआ है। इन दलों से भी बुरी राजनीतिक गति सपा की 2027 में होगी। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा मजबूती से आगे बढ़ रही है। तमिलनाडु और केरलम में भी भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन उत्साहजनक है। अगली बार वहां भी भाजपा सरकार बनेगी। नारी शक्ति का विरोध करने वाले ‘न घर के रहेंगे और न घाट के’।
चुनावी नतीजों से यह साबित है कि नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम का विरोध करने वालों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके का काफी बुरा हश्र हुआ है। इन दलों से भी बुरी राजनीतिक गति सपा की 2027 में होगी। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा मजबूती से आगे बढ़ रही है। तमिलनाडु और केरलम में भी भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन उत्साहजनक है। अगली बार वहां भी भाजपा सरकार बनेगी। नारी शक्ति का विरोध करने वाले ‘न घर के रहेंगे और न घाट के’।