ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान के साथ समझौता 'लगभग तय', परमाणु हथियार छोड़ने और यूरेनियम सौंपने पर बनी सहमति
प्रकाशित: 08-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ सीजफायर के बीच ही ईरान पर होर्मुज से लेकर तेहरान तक हमला कर रहे हैं तो दूसरी तरफ उनका दावा है कि समझौता लगभग तय हो गया है. डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका की तरफ से ईरान के साथ जारी तनाव खत्म करने के लिए जो प्रस्ताव दिया गया है, वह सिर्फ “एक पेज का ऑफर” नहीं है, बल्कि उससे कहीं ज्यादा विस्तृत है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने गुरुवार को होर्मुज में ईरान के साथ नए टकराव से पहले इस कूटनीतिक कोशिश के बारे में जानकारी दी. दूसरी तरफ ईरान की ओर से सिर्फ इतना कहा गया है कि वह पाकिस्तान के जरिए अमेरिका की ओर से भेजे गए ऑफर पर विचार कर रहा है.
ट्रंप ने क्या दावा किया है?
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान ने उस “एक पेज वाले प्रस्ताव” पर कोई बातचीत की है, तो उन्होंने इस सवाल को ही गलत बता दिया. ट्रंप ने कहा, “यह सिर्फ एक पेज का ऑफर नहीं है. यह ऐसा प्रस्ताव है जिसमें कहा गया है कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे, वे हमें न्यूक्लियर डस्ट सौंपेंगे और कई दूसरी चीजें भी देंगे जो हम चाहते हैं.” (नोट- ट्रंप ने बार-बार “न्यूक्लियर डस्ट” शब्द का प्रयोग ईरान के समृद्ध या एनरिच यूरेनियम के लिए किया है.)
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के अंदर अलग-अलग नेताओं के समूहों से डील कर रहा है.
अभी ईरान ने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया- ईरानी मीडिया
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान सरकार ने अभी तक अमेरिकी प्रस्ताव पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. स्थानीय मीडिया का कहना है कि अधिकारी अभी भी अमेरिका से आए “संदेशों” की समीक्षा कर रहे हैं, जो पाकिस्तान के जरिए पहुंचाए गए थे. आईआरएनए के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि इन संदेशों (अमेरिका के ऑफर) की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक अमेरिका को कोई आधिकारिक जवाब नहीं भेजा गया है. उन्होंने कहा कि बातचीत का मुख्य मुद्दा युद्धविराम और “क्षेत्रीय स्थिरता” बना हुआ है.
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का विदेश मंत्रालय मध्यस्थों के जरिए आए प्रस्तावों पर बहुत सावधानी से विचार कर रहा है. इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से फोन पर बातचीत की. पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रहा है. इन कूटनीतिक कोशिशों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप लगातार उम्मीद जता रहे हैं कि कोई बड़ा समझौता हो सकता है. व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं… यह पूरी तरह संभव है.” बाद में उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष “बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा.”
हालांकि, दूसरी तरफ अमेरिका का दबाव भी जारी है. सीजफायर पूरी तरह टूटता नजर आ रहा है. होर्मुज में दोनों देश भिड़ गए हैं. दोनों देशों ने आगे वाले पर उकसाने का आरोप लगाया है. मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया है. इतना ही नहीं ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, बंदर अब्बास, केशम द्वीप और ईरान की राजधानी तेहरान के पास विस्फोटों की आवाज सुनी गई है.
ट्रंप ने क्या दावा किया है?
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान ने उस “एक पेज वाले प्रस्ताव” पर कोई बातचीत की है, तो उन्होंने इस सवाल को ही गलत बता दिया. ट्रंप ने कहा, “यह सिर्फ एक पेज का ऑफर नहीं है. यह ऐसा प्रस्ताव है जिसमें कहा गया है कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे, वे हमें न्यूक्लियर डस्ट सौंपेंगे और कई दूसरी चीजें भी देंगे जो हम चाहते हैं.” (नोट- ट्रंप ने बार-बार “न्यूक्लियर डस्ट” शब्द का प्रयोग ईरान के समृद्ध या एनरिच यूरेनियम के लिए किया है.)
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के अंदर अलग-अलग नेताओं के समूहों से डील कर रहा है.
अभी ईरान ने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया- ईरानी मीडिया
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान सरकार ने अभी तक अमेरिकी प्रस्ताव पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. स्थानीय मीडिया का कहना है कि अधिकारी अभी भी अमेरिका से आए “संदेशों” की समीक्षा कर रहे हैं, जो पाकिस्तान के जरिए पहुंचाए गए थे. आईआरएनए के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि इन संदेशों (अमेरिका के ऑफर) की जांच की जा रही है, लेकिन अभी तक अमेरिका को कोई आधिकारिक जवाब नहीं भेजा गया है. उन्होंने कहा कि बातचीत का मुख्य मुद्दा युद्धविराम और “क्षेत्रीय स्थिरता” बना हुआ है.
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का विदेश मंत्रालय मध्यस्थों के जरिए आए प्रस्तावों पर बहुत सावधानी से विचार कर रहा है. इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से फोन पर बातचीत की. पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रहा है. इन कूटनीतिक कोशिशों के बीच राष्ट्रपति ट्रंप लगातार उम्मीद जता रहे हैं कि कोई बड़ा समझौता हो सकता है. व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं… यह पूरी तरह संभव है.” बाद में उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष “बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा.”
हालांकि, दूसरी तरफ अमेरिका का दबाव भी जारी है. सीजफायर पूरी तरह टूटता नजर आ रहा है. होर्मुज में दोनों देश भिड़ गए हैं. दोनों देशों ने आगे वाले पर उकसाने का आरोप लगाया है. मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया है. इतना ही नहीं ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, बंदर अब्बास, केशम द्वीप और ईरान की राजधानी तेहरान के पास विस्फोटों की आवाज सुनी गई है.