अंतहीन युद्ध समाप्त करने की दिशा में बढ़ने संबंधी मोदी की अपील का पोन ने किया स्वागत
प्रकाशित: 04-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
कीव, (भाषा) पोन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने बृहस्पतिवार को भारत को एक वैश्विक शक्ति बताते हुए कहा कि उनका देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस अपील का स्वागत करता है, जिसमें उन्होंने अंतहीन युद्ध समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है।
मॉस्को और कीव के मध्य बढ़ते तनाव के बीच द्विपक्षीय बातचीत के लिए पोन पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान सिबिहा ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''पोन कूटनीति के लिए तैयार है।'' सिबिहा ने कहा, ''भारत एक वैश्विक शक्ति है और हम प्रधानमंत्री मोदी की उस अपील का स्वागत करते हैं जिसमें उन्होंने अंतहीन युद्ध को समाप्त करने की ओर बढ़ने की बात कही है।''
भारत बातचीत और कूटनीति के जरिए रूस-पोन संघर्ष को खत्म करने की अपील करता रहा है। जयशंकर का कीव दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब इस हफ्ते पोन की राजधानी में हुए रूसी हमले में एक भारतीय की मौत हो जाने को लेकर नयी दिल्ली ने चिंता जताई है।
सिबिहा ने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, ''पोन में किसी भारतीय विदेश मंत्री की पहली समर्पित द्विपक्षीय यात्रा के लिए जयशंकर का कीव में स्वागत किया।'' उन्होंने कहा, ''यह ऐतिहासिक पल ऐसे समय में आया है जब हमारे शहरों, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और नागरिक जहाजों पर रूस के हमले बढ़ रहे हैं।
हमारी राजधानी पर लगातार हमले हो रहे हैं, और मैं अपने सहयोगी की इस साहसी यात्रा की सराहना करता हूं।''उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने काला सागर में आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल करने और वैश्विक खाद्य सुरक्षा की जरूरत पर चर्चा की।
पिछले कुछ हफ्तों में काला सागर में व्यापारिक जहाजों पर हुए लगातार हमलों को लेकर भारत ने चिंता जताई है। सिबिहा ने कहा कि दोनों पक्षों ने पारस्परिक सहयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, ''अवसंरचना और फार्मास्युटिकल क्षेत्र से लेकर तकनीकी नवाचार और डिजिटलीकरण तक, हम अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं।''
उन्होंने कहा, ''हम अपने अगले अंतर-सरकारी आयोग की बैठक बुलाने पर सहमत हुए ताकि बेहतरीन संभावनाओं को परस्पर फायदे वाली बड़ी परियोजनाओं में बदला जा सके।''
मॉस्को और कीव के मध्य बढ़ते तनाव के बीच द्विपक्षीय बातचीत के लिए पोन पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान सिबिहा ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''पोन कूटनीति के लिए तैयार है।'' सिबिहा ने कहा, ''भारत एक वैश्विक शक्ति है और हम प्रधानमंत्री मोदी की उस अपील का स्वागत करते हैं जिसमें उन्होंने अंतहीन युद्ध को समाप्त करने की ओर बढ़ने की बात कही है।''
भारत बातचीत और कूटनीति के जरिए रूस-पोन संघर्ष को खत्म करने की अपील करता रहा है। जयशंकर का कीव दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब इस हफ्ते पोन की राजधानी में हुए रूसी हमले में एक भारतीय की मौत हो जाने को लेकर नयी दिल्ली ने चिंता जताई है।
सिबिहा ने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, ''पोन में किसी भारतीय विदेश मंत्री की पहली समर्पित द्विपक्षीय यात्रा के लिए जयशंकर का कीव में स्वागत किया।'' उन्होंने कहा, ''यह ऐतिहासिक पल ऐसे समय में आया है जब हमारे शहरों, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और नागरिक जहाजों पर रूस के हमले बढ़ रहे हैं।
हमारी राजधानी पर लगातार हमले हो रहे हैं, और मैं अपने सहयोगी की इस साहसी यात्रा की सराहना करता हूं।''उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों ने काला सागर में आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल करने और वैश्विक खाद्य सुरक्षा की जरूरत पर चर्चा की।
पिछले कुछ हफ्तों में काला सागर में व्यापारिक जहाजों पर हुए लगातार हमलों को लेकर भारत ने चिंता जताई है। सिबिहा ने कहा कि दोनों पक्षों ने पारस्परिक सहयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, ''अवसंरचना और फार्मास्युटिकल क्षेत्र से लेकर तकनीकी नवाचार और डिजिटलीकरण तक, हम अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं।''
उन्होंने कहा, ''हम अपने अगले अंतर-सरकारी आयोग की बैठक बुलाने पर सहमत हुए ताकि बेहतरीन संभावनाओं को परस्पर फायदे वाली बड़ी परियोजनाओं में बदला जा सके।''