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भविष्य को लेकर दबाव न लें, प्रयास करते रहे व राष्ट्र निर्माण में योगदान करें: विजेंद्र गुप्ता

प्रकाशित: 13-09-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
वीर अर्जुन संवाददाता
नई दिल्ली। भविष्य को लेकर दबाव न लें। प्रयास करते रहे, सीखते रहें, जिज्ञासु बने रहें और राष्ट्र निर्माण में अपनी ओर से हर संभव योगदान दें। भारत के भविष्य को आकार देने में प्रत्येक युवा की महत्वपूर्ण भूमिका है, यह बात दिल्ली विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा के युवा संपर्क कार्पाम के अंतर्गत विधानसभा का भ्रमण करने आए विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान कही।
दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज, सुखदेव कॉलेज, लॉ सेंटर-घ्, लॉ सेंटर-घ्घ् तथा शहीद भगत सिंह कॉलेज के विद्यार्थियों ने आज दिल्ली विधानसभा का भ्रमण किया। यह भ्रमण युवा संपर्क कार्पाम के तहत युवाओं को कक्षा और पाठ्य पुस्तकों से आगे बढ़कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने और अनुभव करने का अवसर प्रदान करने की दिशा में जारी पहल का हिस्सा था। इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आए छात्रों को लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों, सार्वजनिक जीवन तथा युवाओं की जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर संवाद का अवसर मिला। विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान श्री विजेंद्र गुप्ता ने उन्हें अपनी जीवन-यात्रा को लेकर आत्मविश्वास बनाए रखने तथा शैक्षणिक, व्यावसायिक या सामाजिक दबावों को अपनी क्षमताओं पर हावी न होने देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्र में देश के विकास में योगदान दे सकता है और राष्ट्र निर्माण केवल राजनीति या सार्वजनिक जीवन तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, आप भविष्य में जो भी पेशा चुनें, उसे ईमानदारी, उत्कृष्टता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना के साथ निभाएं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती अंतत जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों पर निर्भर करती है। उन्होंने छात्रों को विभिन्न विचारों को सुनने, प्रश्न पूछने तथा किसी विषय पर अपनी राय बनाने से पहले उसे समझने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मतभिन्नता और बहस एक जीवंत लोकतंत्र के स्वाभाविक एवं आवश्यक तत्व हैं, बशर्ते वे संवैधानिक मूल्यों और परस्पर सम्मान की भावना के दायरे में हों। विद्यार्थियों ने श्री विजेंद्र गुप्ता के साथ विधायिका के कामकाज, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका, लोकतांत्रिक भागीदारी तथा नागरिकों और सार्वजनिक संस्थाओं के बीच संबंधों से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया।