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चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा, रिश्वत लेने का लगा था आरोप; दोषी पाते ही कोर्ट ने दिया आदेश

प्रकाशित: 07-05-2026 | लेखक: वीर अर्जुन टीम
चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा, रिश्वत लेने का लगा था आरोप; दोषी पाते ही कोर्ट ने दिया आदेश
चीन में नेताओं और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार या देश से की गई गद्दारी के आरोप के बाद कड़े एक्शन लिए जाते हैं. कई मामलों में मौत की सजा भी सुनाई जाती है. चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती है. इस बीच चीन से एक ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां पर दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा सुनाई गई है. दरअसल, चीन की एक अदालत ने दोनों पूर्व रक्षा मंत्रियों को भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में दोषी पाया और उन्हें सीधे मौत की सजा सुनाई है. हैरान करने वाली बात है कि रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इनमें से एक नेता चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी बताए जा रहे हैं. आइए आपको ये पूरा मामला समझाते हैं...
चीन में दो पूर्व रक्षा अधिकारियों को मौत की सजा
चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने अपने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोप में मौत की सजा सुना दी है. इन दोनों मंत्रियों को पहले दो साल की राहत के साथ मौत की सजा सुनाई गई है. सजा पाने वाले नेताओं की पहचान वेई फेंगहे और ली शांगफू के तौर पर हुई है, जिन्हें चीन की सैन्य अदालत ने अलग-अलग मामलों में मौत की सजा सुनाई है.
लगे हैं ये आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन के पूर्व रक्षा मंत्री रहे वेई फेंगहे पर हाल में ही रिश्वक लेने का आरोप लगा था. मामले की जांच के बाद पूरा प्रकरण कोर्ट पहुंचा. वहीं, दूसरे पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू पर रिश्वत लेने के साथ रिश्वत देने का भी आरोप लगा है. मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों दो दो साल की राहत के साथ मौत की सजा सुनाई है.
बताया यह भी जाता है कि ये दोनों नेता दो साल पहले यानी 2024 में चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी से बाहर निकाले गए थे. बता दें कि यह दोनों नेता एक समय पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व वाले सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के सदस्य के रूप में सेवाएं भी दे चुके हैं.
जानिए कब रहे चीन के रक्षा मंत्री
गौरतलब है कि वेई फेंगहे ने साल 2018 से 2023 तक चीन के रक्षा मंत्री के रूप में काम किया है. वहीं, ली शांगफू उनके बाद कुछ महीनों के लिए मंत्री बने थे. इन दोनों ने एक समय पर चीन की People's Liberation Army Rocket Force की कमान भी संभाली थी.
भ्रष्टातार के प्रति चीन की जीरो टॉलरेंस
बता दें कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सत्ता में आने के बाद चीन में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती रही है. इस नीति के तहत बड़ी संख्या में अधिकारी और नेता सजा पा चुके हैं. हालिया घटना चीन में सैन्य और राजनीतिक नेताओं के बीच चल रही सख्ती का एक उदाहरण है.